
री-इन्वेस्ट अब
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी
री-इन्वेस्ट की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 प्रस्तुत कर रहा है।

री-इन्वेस्ट की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 प्रस्तुत कर रहा है।



16 से 18 सितंबर 2024 तक गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित आरई-इन्वेस्ट 2024 में अभूतपूर्व भागीदारी और मजबूत वैश्विक सहभागिता देखने को मिली, जिसने स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में भारत के नेतृत्व की पुष्टि की।

तीसरा वैश्विक री-इन्वेस्ट अक्षय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन एवं एक्सपों नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 26-28 नवंबर, 2020 को वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित किया गया था।
सतत् ऊर्जा परीवर्तन हेतु नवोन्मेष विषय पर आधारीत, री-इन्वेस्ट 2020 का लक्ष्य भारत में अक्षय ऊर्जा के विकास और स्थापना में वृद्धि करने के लिए विश्व व्यापी प्रयास करना, और वैश्विक निवेश समुदाय को भारतीय ऊर्जा हितधारकों के साथ जोड़ना। इसमें अक्षय ऊर्जा और भावी ऊर्जा विकल्पों पर एक 3 दिवसीय सम्मेलन तथा निर्माताओं, डेवलपरों, निवेशकों और नवोन्मेषकों की एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
री-इन्वेस्ट 2020 की मुख्य विशेताएं
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार ने इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दिनांक 5 अक्तूबर, 2018 तक दूसरा वैश्विक री-इन्वेस्ट इंडिया-आईएसए साझेदारी अक्षय ऊर्जा निवेश सम्मेलन एवं ऐक्सपो आयोजित किया। इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की पहली सभा और दूसरी हिन्द महासागर रिम एसोसिएशन (10आरएन) अक्षय ऊर्जा सभा के देशों की मेजबानी की गई।
दूसरा वैश्विक री-इन्वेस्ट 2015 की सफलता पर आधारित है और इसमें प्रतिष्ठित भागीदारों के साथ-साथ नए-नए निवेशकों और उद्यमियो को भाग लेने, विचार प्रस्तुत करने और नवोन्मेष करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया गया है।
री-इन्वेस्ट 2018 की मुख्य विशेताएं
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई), भारत सरकार, 15-17 फरवरी, 2015 तक नई दिल्ली में प्रथम वैश्विक री-इन्वेस्ट का आयोजन किया था। यह भारत का पहला अक्षय ऊर्जा वैश्विक निवेशक सम्मेलन एवं एक्सपो था।
री-इन्वेस्ट 2015 का मुख्य विषय देश में अक्षय ऊर्जा के विकास और ऊर्जा दक्षता को बढ़ाना था। सम्मेलन का उद्देश्य भारत को अक्षय ऊर्जा के लिए एक निवेश स्थल के रूप में दिखाना और निवेशकों को भारत में अक्षय ऊर्जा उपकरणों और उत्पादों के लिए परियोजनाओं और निर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना था।
री-इन्वेस्ट 2015 की मुख्य विशेषताएं