Research and Development

Small Hydro

मंत्रालय ने निम्न अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) परियोजनाओं का समर्थन किया है:-



 1)  हाइड्रोलिक टर्बाइन आर एंड डी प्रयोगशाला

 

मंत्रालय और नवीन नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन भारत सरकार के सहयोग से वैकल्पिक जल ऊर्जा केंद्र (एएचईसी), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जलविद्युत टरबाइन और अन्य जलविद्युत मैकेनिकल उपकरणों में अनुसंधान करने के अलावा डिजाइन और सत्यापन सुविधा के रूप में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जलविद्युत टरबाइन आर एंड डी प्रयोगशाला स्थापित की है।

 

प्रयोगशाला भारित औसत दक्षता और टरबाइन आउटपुट, कैविटेशन कार्यप्रदर्शन, प्रेशर पल्सेशन, रन अवे स्पीड, टरबाइन क्वाड्रेंट के विशिष्ट वक्र, हाइड्रोलिक थ्रस्ट और टार्क हेतु हाइड्रोलिक टरबाइनों, रिवर्सिबल टरबाइनों और पम्पों के विस्तारयोग्य मॉडलों पर परीक्षण करने में सक्षम है। प्रयोगशाला प्रथम सिद्धांत आधारित प्रवाह माप, सटीक दबाव (प्रेसिजन प्रेशर) ट्रांसड्यूसर और सेंसर के साथ अत्याधुनिक एससीएडीए आधारित स्वचालित नियंत्रण प्रणाली से सुसज्जित है। प्रयोगशाला में एएनएसवाईएस-15 सॉफ्टवेयर के साथ 288 कोर की उच्च कार्यप्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग सुविधा है।

 

इस प्रयोगशाला के लिए मार्गदर्शक रूपरेखा अंतरराष्ट्रीय मानकों (आईईसी 60193 और आईएसओ/आईईसी 17025) की अपेक्षाओं के अनुरूप है।  प्रयोगशाला को तरल प्रवाह परीक्षण और अंशांकन के लिए आईएसओ/आईईसी 17025 के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा मान्यता प्राप्त है।

 

डिजाइनों के सत्यापन/मान्यकरण और डिजाइन डेटा के उत्पादन, तटस्थ प्रयोगशाला के रूप में तृतीय पार्टी परीक्षण, तटस्थ एजेंसी के रूप में टरबाइन का साक्ष्य परीक्षण और ट्यूबलर टरबाइन, बल्ब टरबाइन और पम्प टरबाइन के सिवाय सभी प्रकार की रिएक्शन टरबाइनों के परीक्षण में प्रयोगशाला की भूमिका है। प्रयोगशाला सीएफडी तकनीक के माध्यम से डिजाइनों का सत्यापन भी करती है।

विद्युत और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के माननीय राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री आर.के. सिंह द्वारा 10 अप्रैल 2018 को प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया।

https://www.iitr.ac.in/departments/HRE/pages/Labs+Hydraulic_Turbine_R_and_D_Lab.html



  

2)  अवसाद निगरानी और घर्षण परीक्षण प्रयोगशाला– एएचईसी, आईआईटी, रूड़की

 

अवसाद युक्त नदी जल द्वारा जलविद्युत-टरबाइन घटकों का जल-अपघर्षक क्षरण, हिमालय क्षेत्र में सबसे चुनौतीपूर्ण समस्याओं में से एक है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के समर्थन से एएचईसी, आईआईटी रुड़की में, हिमालयी क्षेत्र में जल-अपघर्षक मुद्दों का अध्ययन करने और उन्हें कम करने के लिए, अत्याधुनिक उपकरणों वाली एक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। विद्युत और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के माननीय राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री आर.के. सिंह द्वारा 10 अप्रैल 2018 को प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया।

निलंबित निक्षेप (अवसाद) प्रवाह और टरबाइन, पेनस्टॉक आदि हाइड्रोपॉवर घटकों पर इसके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला को सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। अपरदन संबंधी मामलों को प्रभावी ढंग से संभालने हेतु कार्मिकों को शिक्षित और प्रशिक्षित करने के लिए, एक ज्ञान केंद्र के रूप में कार्य करने हेतु प्रयोगशाला में हिमालयी क्षेत्र के लिए एक सेडिमेन्ट डिपॉजिटरी विकसित की जा रही है। प्रयोगशाला विकास ने गाद (अवसाद या निक्षेप) जमा होने वाले बेसिनों के डिजाइन और सुधार, निक्षेप प्रवाह की गतिशीलता का अध्ययन, जल-अपघर्षक क्षरण मॉडल के सत्यापन और विकास और इसके साथ ही कम घिसने वाले टरबाइन ब्लेड और अन्य घटक डिजाइन करने की भी सुविधा प्रदान की है।



 3) पर्वतीय क्षेत्र के लिए दक्ष क्रॉस फ्लो टरबाइन का विकास

 

अपनी कम शुरुआती लागत, आसान निर्माण, स्थापना और रखरखाव के कारण क्रॉस फ्लो जलविद्युत टरबाइन, सूक्ष्म-जलविद्युत संभावित स्थलों पर ऊर्जा प्रदान करने वाला उपयुक्त विकल्प है। हालांकि, क्रॉस फ्लो टरबाइन की पारंपरिक जलविद्युत टरबाइन की तुलना में कार्यप्रदर्शन क्षमता कम होने की समस्या होती है। आर एंड डी परियोजना के अंतर्गत, टरबाइन रनर के अंदर प्रवाह की स्थिति/दिशा में सुधार करते हुए क्रॉस फ्लो टरबाइन दक्षता को बढ़ाने का प्रयास किया गया है। विभिन्न प्रकार के एयरफोइल (सममित और विषम) वाले एक गाइड मैकेनिज्म की जांच की गई है और संशोधित टरबाइन की दक्षता प्रदर्शन की तुलना पारंपरिक क्रॉस फ़्लो टरबाइन डिज़ाइन से की गई है। विभिन्न प्रचालन दशाओं में टरबाइन प्रदर्शन की जांच करने के लिए, व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सॉफ़्टवेयर (एएनएसवाईएस) का उपयोग करते हुए संख्यात्मक सिमुलेशन (सीएफडी) उपयोग किया गया। इसके अलावा, संख्यात्मक परिणामों का सत्यापन हाइड्रोलिक मापन प्रयोगशाला, जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, आईआईटी रुड़की में किए गए प्रयोगों के साथ किया
गया है।

दस्तावेज: आर एंड डी प्रारूप