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Energy Storage

ऊर्जा भंडारण

Energy storage can play a very important role in grid integration and balancing of variable generation sources. By increasing the system’s overall flexibility, it can improve power quality, reduce peak demand, enhance capacity of distribution / transmission grids, avoid/reduce deviation penalties etc. Use of energy storage systems by residential, commercial or industrial consumers, in conjunction with renewable energy has potential to improve power quality and reliability for such consumers. This would also allow for minimization of diesel consumption from back-up power applications. Energy storage is the main component of EVs both in terms of cost and performance determination. The thrust for electric mobility utilizing indigenous modern and reliable energy storage would significantly reduce the country’s dependence on imported fossil fuels and energy storage systems. The NITI Aayog is coordinating the work relating to energy storage.

विभिन्न परिवर्तनशील उत्पादन स्रोतों के ग्रिडएकीकरण और संतुलन में ऊर्जा भंडारण बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रणाली का कुल लचीलापन बढ़ाकर, यह बिजली की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है, शीर्ष मांग (पीक डिमांड) कम कर सकता है, वितरण/ट्रांसमिशन ग्रिड की क्षमता बढ़ा सकता है, विचलन दंडों से बचाव/कमी हो सकती है। आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा के साथ ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का उपयोग करने से ऐसे उपभोक्ताओं के लिए बिजली की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार करने की क्षमता बढ़ेगी। यह बैक-अप बिजली वाले अनुप्रयोगों में डीजल की खपत में भी कमी लाएगा। लागत और प्रदर्शन निर्धारण के संदर्भ में ऊर्जा भंडारण ईवी का मुख्य घटक है। स्वदेशी आधुनिक और विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण का उपयोग करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर दिए जाने से आयातित जीवाश्म ईंधन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर देश की निर्भरता काफी कम हो जाएगी। नीति आयोग, ऊर्जा भंडारण से संबंधित कार्य का समन्वय कर रहा है।